✨ Marathi Edition (मराठी)
अंतिम अद्यतन: 2026 | Verified Accurate
श्री शिव चालीसा (मराठी)
नित्य नियम से प्रातःकाल अथवा प्रदोष काल में इस पावन चालीसा का पाठ करने से भगवान आशुतोष शीघ्र प्रसन्न होते हैं।
॥ श्री शिव चालीसा ॥
॥ दोहा ॥
जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान।
कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय वरदान॥
॥ चौपाई ॥
जय गिरिजापति दीन दयाला। सदा करत संतन प्रतिपाला॥
भाल चंद्रमा सोहत नीके। कानन कुंडल नागफनी के॥
अंग गौर शिर गंग बहाये। मुंडमाल तन क्षार लगाये॥
वस्त्र खाल बाघम्बर सोहे। छवि को देखि नाग मुनि मोहे॥
मैना मातु की ह्वै दुलारी। बाम अंग सोहत छवि न्यारी॥
कर त्रिशूल सोहत शुचि भाला। करत सदा शत्रुन क्षय काला॥
नंदि भृंगी संग महत बिराजे। शम्भु नाथ की जय धुन बाजे॥
शीतल मंद सुगंध सुहावन। संतन के मन मोद बढ़ावन॥
देव दनुज सब शीश नवावैं। नारद शारद ध्यान लगावैं॥
सदा शम्भु संतन के त्राता। जय जय जय जग के पितु माता॥
जो यह पाठ करे मन लाई। ताको होत सदा सुखदाई॥
अष्ट सिद्धि नव निधि फल पावै। शम्भु नाथ के चरण समावै॥
॥ दोहा ॥
नित नेम करि प्रातः ही, पाठ करै चालीस।
तुम मेरी मनोकामना, पूर्ण करो जगदीश॥